प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare :- वर्तमान समय में अगर आपको एक अच्छी सरकारी नौकरी लेना है तो बहुत  ही आवश्यक हो जाता है pratiyogi pariksha ki preparation इसलिए हमने इस पोस्ट में यह बताने की कोशिश की है की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare .

 
pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare
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भारत की आबादी लगभग सवा सौ करोड़ हैं भारत में वर्ल्ड और साउथ एशिया रीजन से भी कहीं ज्यादा कमजोर बेरोजगारी का आलम  है  53.5 करोड़ लोगों के पास खराब क्वालिटी की नौकरी है भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र  ( CMIE )    02 मार्च 2020 के अनुसार भारत में रोजगार दर न्यूनतम 46.80 प्रतिशत , अधिकतम 50.80 प्रतिशत है इस प्रकार लोगो मे रोजगार के लिए प्रतियोगिता का होना  लाजमी हैं. 

 देश के  युवाओं में एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ मची है तथा अपने लक्ष्य को पाने के लिए अभ्यर्थी एक दूसरे के लिए चैलेंज साबित हो रहे हैं जिसके कारण व्यक्ति को अपने पसंद की नौकरी नहीं मिल पाता, इसलिए प्रतियोगी परीक्षा का निर्धारण आवश्यक साबित हो जाता है जिसमें योग्य उम्मीदवार का चयन हो पाता है.

 बहुत सारे कंपटीशन एग्जाम मे  बहुत सारी क्राइटेरिया से गुजर कर कैंडिडेट का चयन होता है तथा बहुत से कैंडिडेट एक ही एग्जाम को क्लियर करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं फिर भी उन्हें सफलता एक बार में नहीं मिल पाती  और वह निरंतर प्रयास करता रहता है इस प्रकार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें एक सवाल का विषय बन जाता है। 

प्रतियोगी परीक्षा क्या है   what is competetive exam :-

अभी के समय में व्यक्ति को अपने टैलेंट एवं योग्यता के अनुसार जॉब प्राप्त करने के लिए एग्जाम दिलाना होता है  या  इंटरव्यू  के  तरीके से सिलेक्शन का  प्रोसेस होता है जिसमें प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण भूमिका होती है किसी के शारीरिक बनावट या पहनावा या खानपान से उसकी चरित्र,  करैक्टर व योग्यता के पहचान नहीं की जा सकती इसलिए संबंधित विभाग  ,  क्षेत्र या टीम   के काबिल अधिकारी के द्वारा Job posting के लिए  प्रतियोगिता का आयोजन समय-समय पर किया जाता है. 

    बहुत सारे vacancy सीधी भर्ती के माध्यम से भी  पूर्ति की जाती है लेकिन वर्तमान Job Competition एवं  युवा बहुलता को ध्यान में रखते हुए कॉन्पिटिटिव एग्जाम का आयोजन होता है, प्रतियोगी  परीक्षा होने से समय की भी बचत होती है जिसमें job के राह देखने वालो का रास्ता भी आसान हो जाता है एवं विभागों को काबिल अधिकारी  /कर्मचारी भी मिल पाता  है। 

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन क्यों आवश्यक है     Why necessary  recommended of competitive exam  :- 

वर्तमान परिस्थिति में जब किसी राष्ट्र /राज्य के व्यक्तियों के बीच संसाधनों का आवंटन करने के लिए समस्या उत्पन्न होती है, कहने का मतलब यह है कि जब किसी Post  को  काबिल या  योग्य व्यक्ति को प्रदान करना हो तथा एक को ही  job  के लिए चयन करना हो तो दुविधा की घड़ी उत्पन्न हो जाती है और उसको हासिल करने वालो  की बहुलता अधिक होती है तब प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन होना आवश्यक  हो जाता है | 

 इंटरनेट की बहुलता भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है डिजिटल इंडिया का युग आ गया है सबके हाथ में मोबाइल हो गया है,  गूगल का क्रेज बढ़ गया है, कुछ भी मनपसंद की नोटिफिकेशन कुछ ही समय में प्राप्त हो जाती है जिसको देखकर  /समझ कर नॉलेज भी इंप्रूव हो रहे हैं |

 अनुमान के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन होने से बहुत हद तक करप्शन होने का डर भी बहुत कम होता है क्योंकि कैंडिडेट की सारी biodata , merit list  संवर्ग  वार ऑनलाइन मोड पर होती है अर्थात पूरी प्रक्रिया में  पारदर्शिता बनी रहती है समय-समय पर अपडेट भी ऑफिशल नोटिफिकेशन के माध्यम से कैंडिडेट को मिल जाता  है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन आवश्यक हो जाता है 

 प्रतियोगी परीक्षा और सीधी भर्ती मे अंतर    difference in competitive exam and direct recruitment  :- 

 प्रतियोगी परीक्षा की अप्लाई online  भी हो सकते हैं और offline भी , लेकिन अधिकतर जॉब संबंधी अप्लाई वर्तमान में ऑनलाइन मोड पर होते हैं क्योंकि डिजिटल इंडिया का युग है इसलिए  सभी सरकारी एवं प्राइवेट सेक्टर के द्वारा ऑनलाइन एप्लीकेशन ही माँगा जाता हैं जो सबसे अच्छा सुविधा यह है कि प्रतियोगी परीक्षा हेतु कई सारे स्थानों में एक साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन अप्लाई कर सकते हैं तथा एक ही समय में एक साथ सब स्थानों  का लिस्ट  संवर्गवार  जारी हो जाता है और अपनी सुविधा अनुसार कैंडिडेट जॉब ज्वाइन कर सकते है। 

 लेकिन सीधी भर्ती की प्रक्रिया में  दूसरे या तीसरे या अन्य स्थानों के लिए अलग-अलग एप्लीकेशन अप्लाई करना होता है तथा वहां की नोटिफिकेशन जहां उम्मीदवार अप्लाई किये  होता है, अलग-अलग समय पर लिस्ट जारी होता है और मनपसंद जगह के ऑप्शन उम्मीदवार के पास थोड़ा कम होता है, जिससे समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी है और सुचना न मिलने के कारन कैरियर का खतरा तथा करप्शन होने का भरपूर चांस बना रहता हैं | 

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

                   प्रतियोगी परीक्षा हेतु संबंधित विभागों द्वारा जिसको विज्ञापन जारी करवाना होता है एवं रिक्त पदों की पूर्ति करना होता है आजकल वे  किसी प्राइवेट एजेंसी या गवर्नमेंट एजेंसी को एक्जाम प्रोसेस से लेकर उम्मीदवार की पदस्थापना तक की सारी आयोजन की जिम्मेदारी सौंप देते है और उसके एवज उनकी उधमिता की राशि वसूल करते हैं। 

 परंतु सीधी भर्ती मे डायरेक्ट संबंधित विभाग द्वारा वैकेंसी की नोटिफिकेशन जारी करते हैं और आवेदन मंगाए जाते हैं और उसमें किसी प्रकार की राशि किसी एजेंसी या संस्था को नहीं देनी पड़ती है।

सीधी भर्ती का सबसे बड़ा नुकसान यह है की, इसके चयन प्रक्रिया में करप्शन का बहुत ज्यादा खतरा होता है  पारदर्शिता नहीं होता, देखने को मिलता है की बड़े अधिकारी, नेता पैसे लेकर अपने सगे सम्बन्धियों को जॉब में पोस्टिंग दे देते है जिससे योग्य उम्मीदवार को job नहीं मिल पता। 

प्रायः ज्यादा संख्या की vacany को कॉम्पिटिटिव एग्जाम एवं काम पदों की vacancy को सीधी बरती के माध्यम से भरा जाता है। 

                        इस प्रकार  प्रतियोगी परीक्षा और सीधी भर्ती में चर्चा करने के दौरान  हम इस नतीजे  पर  पहुंचे  हैं  कि  प्रतियोगी  परीक्षा competitive exam  ज्यादा बेस्ट साबित होता है  भारत में दोनों प्रचलन में है |

   

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें how to  prepare for competitive exam प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

तो ऊपर आपने देखा की वर्तमान समय में यदि आपको Job  लेना है तो आपको Competition Exam की तैयारी करना कितना आवश्यक है, अब हम आपको बताएंगे की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें। 

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कितने पहले शुरू करना चाहिए   how many should time before prepare of competitive exam   :- 

अपनी स्कूल कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ या पढ़ाई पूरी होने के बाद  शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उम्मीदवार को अपनी मनपसंद  जॉब पाने के लिए संबंधित फील्ड की तैयारी हेतु मार्गदर्शन (सलाह ) अपने वरिष्ठ जनों से एवं गुरुओं से प्राप्त करनी चाहिए जिससे कैंडिडेट सही निर्णय पर जा सके एवं तैयारी का जो स्वरूप हिअ बना सके। 

वर्तमान कम्पटीशन को देखते हुए सही समय आने  इंतजार नहीं करना चाहिए, प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में जल्द से जल्द जुट जाना चाहिए, यदि कोई सोचे कि जब प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन रखा जाएगा तत्काल हम तैयारी कर लेंगे यह उनकी संकीर्ण सोच उनकी असफलता की ओर सीढ़ी होगी  |

 प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन फॉर्म अप्लाई करने के 2 – 4 माह के बाद की जाती है ऐसे में अपनी सभी सिलेबस को पूर्ण कर पाना असंभव  होता है  और कम समय में उम्मीदवार को डर के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा बोझ  बन जाता है इसलिए समय से उचित तैयारी प्रारंभ कर देनी चाहिए  |

 जो उम्मीदवार पुलिस कांस्टेबल , इंडियन आर्मी , रेलवे भर्ती बोर्ड  , CAf  , CRPF etc. शारीरिक मापदंड वाले जॉब करना चाहते हैं  उन अभ्यर्थियों को जनरल नॉलेज के साथ-साथ अपनी फिजिकल की तैयारी भी निरंतर करनी चाहिए क्योंकि इस फील्ड में फिजिकल के अलावा  alternative exam भी होती है दोनों के marks मिलाकर अभ्यर्थी की मेरिट सूची बनती  है और चयन होता है  | 

और जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनका चयन तीन चरणों ( प्री, मैन्स एग्जाम और इंटरव्यू ) से होकर गुजरता है, जिसके लिए अलग -अलग तैयारी करने का समय नहीं होता, इसलिए उन्हें बहुत पहले से तैयारी करना होता है। 

 

 प्रतियोगी परीक्षा क्लियर करना चाहते हैं तो निम्न बिंदु का निर्धारण आवश्यक है  :- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

लक्ष्य का चुनाव   target of goal   :-

 प्रतियोगी परीक्षा की  तैयारी करने वाले कैंडिडेट को चाहिए कि वे अपने लक्ष्यों का चुनाव करके exam की  रणनीति बनाएंं और  लक्ष्य का निर्धारण अपनेेे मानसिक व शारीरिक स्तर का होना चाहिए जिसमे किसी भी प्रकार का कोई बहाना हरगिज  नहीं होना चाहिए |

 लक्ष्य का चुनाव इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि यदि कोई उम्मीदवार दो राह पर चले तो वह डगमगा जाता हैं  क्योंकि उसका ध्यान दोनों ओर पूरी तरह नहीं लग सकता, एक समय में एक ही चीज प्राप्त होती है, चीजें अपनी मन मुताबिक नहीं मिलती, अतः जो हासिल करना चाहते हैं उसका एक ही लक्ष्य होना चाहिए 

यह देखने को मिलता है की, व्यक्ति, जितने भी Job वेकन्सी निकालता है उन सबमें अप्लाई करता है और 2-4 महीनों की तैयारी करके कम्पीटीटिव एग्जाम में बैठता है और असफल हो जाता है, इसका कारन यह है की अकेला  व्यक्ति सभी परीक्षा की तैयारी एक समय में नहीं कर सकता और और वर्तमान कम्पटीशन  को देखते हुए दो तीन महीने में सिलेबस पूरा नहीं कर पता जिससे केवल निराशा ही हाथ लगता है।  

     लक्ष्य न ओझल होने पाएँ  ,  कदम मिलाकर चल 

    सफलता तुम्हारे कदम चूमेगी , आज नहीं तो कल ||

 

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare :- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आप कोचिंग संसथान ज्वाइन करके  या घर से भी तैयारी कर सकते  हैं। 

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में कोचिंग संसथान  योगदान :-

अभी के समय में सभी लोग परीक्षा तैयारी के लिए कोचिंग  सेंटर का रुख करते हैं जंहा पर अनुभवी विद्वानों के गाइडलाईन में  तैयारी थोड़ा सरल हो जाता है एवं अध्ययन के माहौल में परीक्षा तैयारी में मन बना रहता है   

             बिना कोचिंग  सेंटर जाये  प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें

किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी  घर से भी संभव है ,  प्रतियोगी परीक्षा क्रैक करने के लिए कैंडिडेट के अंदर आत्म अध्ययन व क्षमता तथा  मेहनत , लगन ,  प्रयास (अभ्यास ) का गुण मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार के अंदर होनी चाहिए |

  उम्मीदवार स्वयं  बिना कोचिंग के ही अपने घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की  तैयारी कर सकता है उसके लिए चाहिए कि स्टडी मैटेरियल व  सिलेबस उपलब्ध होनी चाहिए जिसके आधार पर महत्वपूर्ण टॉपिक को कैंडिडेट समझ सके तथा सिलेबस के अनुसार विषयों या टॉपिक का ढांचा बनाएं  और सभी विषय को ध्यान में रखकर तैयारी में जुट जाएं और जो विषय कठिन महसूस होती है उसके लिए  अतिरिक्त टाइम मैनेज करें और जब अति आवश्यक हो तो  किसी अनुभवी तथा इंटरनेट का भी उपयोग कर सकते हैं जो आपकी कठिन विषयों को कवर करने में मददगार साबित होगी |

 समय-समय पर मॉक टेस्ट भी करते रहे जिससे प्रैक्टिस भी होता रहेगा और अपना नालेज भी इंप्रूव हो जाएगा जिससे हमें टाइम मैनेजमेंट का भी पता चल जाएगा कि इस टॉपिक के विषय के प्रश्नों को हम निर्धारित समय में पूर्ण कर सकते है, अभ्यर्थी ऐसी  प्रक्रिया  निरंतर ( दिन – प्रतिदिन )करें |

 इन सब बातों को ध्यान में रखकर यदि अभ्यर्थी तैयारी में जुटता है तो  selection पक्का हो  जाता है और मनचाहे जॉब कैंडिडेट को उपलब्ध हो जाती है | आप पढ़ रहे हैं :- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

            

   प्रतियोगी परीक्षा  तैयारी हेतु समय सारणी का निर्धारण  :-

 प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु समय सारणी का निर्धारण सबके लिए अलग-अलग होता है कोई सुबह पढ़ाई करते है,  कोई दिन में पढ़ाई करते हैं,  कोई रात को पढ़ाई करते  है अहम बात यह है कि जैसे भी पढ़ाई करें टॉपिक / syllabus को  समझ कर पढ़ाई जरूर करें  और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का निर्धारित समय सारणी भी स्वयं से बनाएं समय सारणी बनाते समय ध्यान रखें कि बीच-बीच में कुछ खाली वक्त भी हो जिससे तैयारी करते समय बोरिंग फीलिंग्स न हो और माइंड न थके   जिसमे मानसिकता के मुताबिक  पढ़ाई का टाइम को सब्जेक्ट वाइज / टॉपिक वाइज डिवाइड कर दें और जो कठिन विषय लगते हैं उनको ज्यादा टाइम भी दे  |

 Candidate उपरोक्त बातों को मुख्यता के साथ अपनाएं और रोज एक ही लेवल ( समय सारणी )  पर सभी विषयों की तैयारी करें  और उम्मीदवार कौन से वातावरण में तैयारी करता है जिससे उनकी पढ़ाई सबसे अच्छी होती है जिसमें उम्मीदवार को खुशी होती है उन समय सारणी का  चयन  जरूर करें | दूसरों के बनाए हुए  टाइम टेबल अपने अनुकूल नहीं हो सकती, इसको भी मुख्यता ध्यान रखें क्योंकि जो करना है अपने को करना है एक्जाम क्रैक भी स्वयं  को करना है   सफलता भी स्वयं को हासिल करना है   |

  आत्मविश्वास self confidence   :-

 आत्मविश्वास का मतलब होता है अपने आप में विश्वास का होना, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में आत्मविश्वास का होना परम आवश्यक है , हम आत्मविश्वासी  उन्हें कहेंगे जो 100 बार हार कर भी जीतने की उम्मीद करते हैं और एक दिन वही आदमी जीत जाता है इतिहास के पन्नों मे  छप जाते हैं और दूसरों के लिए उदाहरण बन जाते हैं

 उम्मीदवार के अंदर आत्मविश्वास तभी आएगी जब प्रतियोगी परीक्षा के लिए कैंडिडेट पूरी तरह से सक्षम हो अपने अंदर समझ के गुण  knowledge हो  इसी के साथ आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है  |

 प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार का आत्मविश्वास ही उनको सफलता की ओर ले जाती है candidate के अंदर यदि आत्म  विश्वास नहीं होगी तो वह छोटी-छोटी बातों में विचलित  होकर  तैयारी मे  मन नहीं लगेगा  और वह कोशिश करने के बजाए कोशिश से पीछे हटता चला जाएगा  जो उनकी असफलता की कहानी बन जाएगी |

 ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल जाएंगे जिसके अंदर टैलेंट / क्वालिटी तो होता है पर आत्मविश्वास की कमी होती है वह कैंडिडेट अपने लिए भी और हमारे समाज के लिए भी खतरा साबित होते हैं  इसलिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी के अंदर आत्म विश्वास self confidence का होना परम आवश्यक है  जो उन्हें जीत की ओर अग्रसर करेगी |

 

 प्रतियोगी परीक्षा तैयारी का वातावरण  :- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

कैंडिडेट जहां निवास करते हैं वहां के आसपास का माहौल /परिस्थिति /मौसम   यह सब वातावरण कहलाता है व्यक्ति जिस माहौल में जैसा वातावरण में रहेगा उसकी सोच भी उसी तरह की हो जाती है  |

 वातावरण को हम पूरी तरह बदल तो नहीं सकते परंतु वातावरण में अपने आप को सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश जरूर कर सकते हैं कुछ लोग अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए वातावरण का बहाना बनाते हैं और सोचते हैं कि यह वातावरण मेरे उपयुक्त नहीं है इसलिए मुझे सफलता नहीं मिल पाई यह उनकी गलत धारणा होती है |

मैं सिर्फ मौसमी वातावरण की ही बात नहीं कर रहा हूं  इसमें कैंडिडेट के घर- परिवार ,  आस-पड़ोस के लोगों के व्यवहार को भी शामिल कर के वातावरण का अर्थ प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए बता रहा हूं   मान लो किसी group मे  100 लोग शामिल हैं  और उसमें अमूमन 05 लोग  ही सफल हो पाए तो इसका निष्कर्ष यह नहीं हो सकता कि  उन 95 लोगों का  वातावरण खराब था बल्कि उन्होंने महत्वपूर्ण क्राइटेरिया को समझ नहीं पाए और वे पूरी लगन निष्ठा के साथ उस काम को अंजाम नहीं दे पाए जो उनकी सफलता की ओर उन्हें आगे बढ़ाने में मदद साबित हो सकता था।

यदि अभ्यर्थी में लगन है पर घर एवं आसपास का वातावरण बहुत ज्यादा अशांत  हो, जिसमें अभ्यर्थी को  समंजश्य  स्थापित करना नामुंमकिन हो  तो ऐसी परिस्थिति में वातावरण का बदलना बहुत ही आवश्यक है, इसमें आप घर से बाहर शांत माहौल में रहकर परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। 

 बहुत हद तक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले कैंडिडेट का  आर्थिक संपन्नता , उनके माता-पिता का  शिक्षित होना , बड़ों का मार्गदर्शन ये  सब गुण मानसिक क्षमता बढ़ाने के लिए टॉनिक  का असर जरूर करती हैं लेकिन असली मेहनत स्वयं करना पड़ता है  |

 

 उचित सिलेबस  व अच्छे प्रकाशन  की किताबें   :-

 प्रतियोगी परीक्षा क्लियर करने के लिए उम्मीदवार  को official website मे जाकर उचित सिलेबस डाउनलोड कर लेना चाहिए और उनके प्रिंट अपने पास रख लेनी चाहिए जिससे सिलेबस बार बार देखने से याद हो जाए    |

 उम्मीदवार के मन में प्रतियोगी परीक्षा क्रैक  करने के लिए कौन से प्रकाशन की किताबों का अध्ययन करें , टॉपर्स ने क्या पढ़ा ,  टॉपर्स ने सफलता कैसे हासिल की यह सवाल उम्मीदवार के मन में बार-बार आता है ऐसे में सफल उम्मीदवारों के रोल मॉडल के नक्शे कदम में चलना स्वभाविक हो जाता है क्योंकि गलत पठन सामग्री का पठन करके कोई अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहता  |

 प्रतियोगी परीक्षा के लिए अच्छे प्रकाशन की किताबें    निम्न हैं  :- 

NCERT / SCERT  संदर्भित  किताबें का अध्ययन  करनी चाहिए तथा इसके अंतर्गत विभिन्न  writer  की किताबों का अध्ययन करनी चाहिए    :- 

 रमेश सिंह , लक्ष्मीकांत , आर एस अग्रवाल ,  सतीश चंद्र , माइकल सन्डेज ,  जी   सुब्बाराव , नीरज कुमार ,  आर एस शर्मा , उमा कपिला ,  ससि थरूर ,  डी डी बासु ,  अर्जुन देव , बिपिन चंद्रा ,   राजीव अहीर  , नितिन सिंघानिआ  व अन्य मुख्य writer के  किताबों का  अध्ययन  प्रतियोगी exam के लिए करनी चाहिए   |

पिछली वर्षो के  question  पेपर्स की  अध्ययन    :-

 प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए एग्जाम पैटर्न को समझना महत्वपूर्ण होता है जिसके आधार पर प्रतिभागी  अपनी knowledge को परख पाता है जो कि unsolved  पेपर्स मार्गदर्शक साबित होता है  |

 बहुत सारे प्रतियोगी परीक्षाओं में आए हुए क्वेश्चन रिपीट भी हो जाते हैं जो कि प्रतिभागी के अंक बढ़ाने में सहायक होते हैं कॉम्पिटेटिव एक्जाम में एक-एक मार्क्स का भी जॉइनिंग में अति महत्वपूर्ण होता है इसलिए कैंडिडेट को चाहिए कि कम से कम  5 वर्ष में आए हुए क्वेश्चन पेपर्स का संग्रह करें और समय के साथ उनका सलूशन भी करते रहें जिससे अपना knowledge का परीक्षण भी हो जाता है | आप पढ़ रहे हैं :- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

 प्रतियोगी परीक्षार्थी अंधविश्वास से बचें  :-

 प्रतियोगी परीक्षार्थी  भी समाज का हिस्सा है इसलिए उन्हें कई लोगों  से सामना करना पड़ता है उसमें कई लोग डिमोटिवेट विचार वाले भी होते हैं जो अपनी  धारणा को सामने वाले पर थोपने में आतुर होते  हैं |

 डिमोटिवेट करने वाले व्यक्ति के मन में लगता है कि यह व्यक्ति मुझसे आगे ना चला जाए सोच कर असफलताओं की कहानी सुनाने लगता है उन्हें लगता है कि गवर्नमेंट जॉब सिर्फ अप्रोच व  पैसे वालों की ही लगती है ऐसी अंगठत  कहानिया सुनाने लगता है क्योंकि वह स्वयं असफल रहता है और सफल होने के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता।  

 प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले कैंडिडेट को चाहिए कि वह अपने लक्ष्य का निर्धारण करते हुए पूरी लगन एवं अथक परिश्रम के साथ अपनी एक पोस्ट पक्के करने के लिए बिना किसी के बहकावे में आकर स्वयं आत्मसात करते हुए तैयारी आरंभ कर देंगे तो जोइनिंग फिक्स हो जाएगी |

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

 नियमित अध्ययन व एकाग्रता  :-

 प्रतियोगी परीक्षा के लिए जैसा कि मैंने पहले भी बताया नियमित अध्ययन अति आवश्यक है क्योंकि अभ्यास से ही हमारा नॉलेज विकसित होता है  वर्तमान वातावरण  कोलाहल से  युक्त है जिसमें थोड़ी सी चूक होने पर हमारा मन व बुद्धि भटक जाता है इसलिए हमें अपनी इंद्रियों को वश में करने के लिए पर्याप्त  नींद, व्यायाम, संतुलित आहार ,  सकारात्मक विचार , पर्याप्त संसाधन अति आवश्यक है जिससे हमारे अंदर एकाग्रता का संचार नियमित व सुचारू रूप से हो जो कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले कैंडिडेट के लिए उचित होता है |

 अनुभवी की माने तो एकदम ज्यादा समय ना पढ़कर किसी विषय / टॉपिक को समझ कर अध्ययन करें तो संबंधित knowledge स्थाई हो जाती है जिसके लिए एकाग्रता का महत्वपूर्ण भूमिका है |

 प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें  :- 

 इंटरनेट का योगदान  :-

 वर्तमान युग डिजिटल का युग है सबके हाथों में मोबाइल हो गया है इंटरनेट से हम स्वतंत्र रूप से सीख सकते हैं जो चाहे अपनी मर्जी के विषय/ टॉपिक पर गूगल में सर्च कर सकते हैं, इसके अलावा सोशल मीडिया भी हमें सीखने में अपडेट प्रदान करते हैं |

 प्रतियोगी परीक्षाओं की सारी प्रक्रियाएं फॉर्म अप्लाई से लेकर एग्जाम व  जोइनिंग तक की प्रक्रियाएं वर्तमान में ऑनलाइन हो रहे हैं जिससे समय की बचत हो रही है और हमारा समाज भी सशक्त हो रहा  है।  |

इंटरनेट से पढ़ाई करने से मेरा अभिप्राय जरूरत पड़ने पर ही इंटरनेट का इस्तेमाल करने से है बेवजह इंटरनेट पर सर्च करने से हमारा लक्ष्य मे  अवरोध  उत्पन्न हो जाता  है |

 प्रतिभागी को  समुचित पहल करते हुए पूरी लगन व निष्ठा के साथ अथक प्रयास करते हुए तैयारी में जुट जाना   चाहिए जिससे सफलता निश्चित हो सके। आप पढ़ रहे हैं :- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

प्रतियोगी परीक्षा की सूची   (  List of competitive exam  )   :-

प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन सरकारी विभाग ही नहीं प्राइवेट सेक्टर कंपनी आदि स्थानों में  भी प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जाता है  चाहे एडमिशन की बात हो या नियुक्ति, सभी प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन करती है |

अंतरराष्ट्रीय / राष्ट्रीय  स्तर के साथ साथ  स्टेट तथा जिला आधारित प्रतियोगी परीक्षा  समय समय पर होता है , 

 

भारत की कुछ महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं  जिसकी सूची निम्नलिखित है   –  (important competitive exam of India which that list below )  :-

01. सिविल सेवा परीक्षा . 

02.  राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा National eligibility come entrance test  ( NEET ). 

03. अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा  ( AI EEE ). 

04.  आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा  (  IIT JEE  ) . 

05.  सेंट्रल प्री मेडिकल टेस्ट  ( CPMT  ) . 

06.  सम्मिलित प्रवेश परीक्षा common admission test   ( CAT ) . 

07.  प्रबंधन योग्यता परीक्षा  management admission test  ( MAT ) . 

08.  ओपन मैट    ( OPEN MAT ) . 

09.  सार्वजनिक प्रवेश परीक्षा common entrance test   ( CET ) . 

10.  इंजीनियरिंग में स्नातक अभिरुचि परीक्षा  गेट  ( GATE ).

11.  राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा National teacher eligibility test  (  ctet  ). 

12.  UGC राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा National eligibility test ( NET )  . 

13.  राष्ट्रीय रक्षा अकादमी  ( NDA ). 

14.  संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा common law admission test  ( CLAT ). 

15.  संयुक्त प्रवेश स्क्रीनिंग परीक्षा Joint Entrance screening test   ( JEST ). 

16.  सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा  ( CDS )  व अन्य प्रवेश परीक्षाएं 

 प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें pratiyogi pariksha ki taiyari kaise kare

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